Orai Synthetic Milk and Khoya Scam: उरई में मिलावटी दूध का जहर, रोजाना 50 मरीज पहुंचे अस्पताल
Orai Synthetic Milk and Khoya Scam: मिलावटी दूध और खोवा से बिगड़ रही सेहत, रोजाना आ रहे 50 पेट के मरीज

Orai Synthetic Milk and Khoya Scam: उरई में मिलावटी दूध का जहर, रोजाना 50 मरीज पहुंचे अस्पताल
जालौन जिले के उरई शहर में मिलावटी दूध, सिंथेटिक खोवा और पनीर का कारोबार लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। Orai Synthetic Milk and Khoya Scam के कारण जिले में पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, केवल मिलावटी खाद्य पदार्थों और केमिकल युक्त दूध के सेवन से प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक पेट रोग से पीड़ित मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
Orai Synthetic Milk and Khoya Scam: खपत 3.5 लाख लीटर, उत्पादन सिर्फ 1.75 लाख लीटर
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जालौन जिले में रोजाना करीब 1.75 लाख (पौने दो) लीटर दूध का उत्पादन होता है, जबकि बाजार में इसकी खपत 3.5 लाख लीटर से अधिक है। Orai Synthetic Milk and Khoya Scam के तहत इस सवा दो लाख लीटर के विशाल अंतर को पूरा करने के लिए यूरिया, डिटर्जेंट, शैंपू, रिफाइंड ऑयल, ग्लूकोज और स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाकर जहरीला नकली दूध तैयार किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, आगामी त्योहारों को देखते हुए गांवों से आने वाले खोवे में आलू और शकरकंद मिलाया जा रहा है, जबकि शहर में तैयार सिंथेटिक खोवा औरंगाबाद, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात और हमीरपुर तक में सप्लाई किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों की धज्जियां उड़ाकर यह अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है।
स्थानीय निवासियों की राय (Public Reaction)
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अजय गुप्ता (इंद्रा नगर, उरई)”मिलावट करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त कार्रवाई नहीं करता है। जो बड़े कारोबारी हैं, उन्हें छोड़ देने से ही इस तरह का काम हो रहा है। आम जनता ठगी जा रही है। जब तक कड़ी सजा नहीं मिलेगी, इस पर रोक नहीं लग सकती।” |
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मुकेश कुमार (नया पटेल नगर, उरई)”पैसों के लालच में आम जनता से पैसा लेने के बाद उन्हें जिस तरह मिलावटी दूध, पनीर और खोवा बेचा जा रहा है, यह बिल्कुल ठीक नहीं है। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मिलावटखोरों पर तुरंत कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।” |
घर बैठे ऐसे करें असली और नकली दूध की पहचान
जिला अभिहित अधिकारी चेतराम प्रजापति और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, आम नागरिक घर पर भी दूध की शुद्धता जांच सकते हैं:
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यूरिया व डिटर्जेंट टेस्ट: एक गिलास में थोड़ा सा दूध लें और उसमें आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं। यदि दूध का रंग पीला रहता है तो दूध ठीक है, लेकिन यदि रंग लाल या गहरा भूरा हो जाए तो उसमें डिटर्जेंट या यूरिया की मिलावट है।
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सिंथेटिक खोवा टेस्ट: खोवे को गर्म करने पर यदि उसमें से देसी घी की स्वाभाविक महक न आए या वह अजीब तरह से पिघलने लगे, तो उसमें रिफाइंड और केमिकल मिलाए गए हैं।
खबर का सार (एक नज़र में)
| विषय / बिंदु | विवरण |
| समस्या | यूरिया, डिटर्जेंट और रिफाइंड से तैयार नकली/सिंथेटिक दूध व खोवा |
| अस्पताल का हाल | प्रतिदिन 50 से अधिक पेट दर्द व आंतों में इन्फेक्शन के मरीज |
| उत्पादन बनाम खपत | उत्पादन: 1.75 लाख लीटर | खपत: 3.5 लाख लीटर (अंतर: 2.25 लाख लीटर मिलावटी) |
| सप्लाई नेटवर्क | उरई से औरैया, कानपुर, हमीरपुर तक भेजा जा रहा है सिंथेटिक खोवा |
| प्रशासनिक दावा | खाद्य सुरक्षा विभाग अभियानों के तहत सैंपल लेकर करेगा कानूनी कार्रवाई |
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